न्हाँ सोःत

’लाँऽका  ग्लिःत  न्हाँ सोःत,
बोअ्शा लापचो गुअ् रोअ्ता !
अ्वाक ’दाऽइशशा कुल चिअ्सिति,
ब्लेअ्से  पाथि  गो   निससिति !!

मामाम  खामे  मिऽ’पाऽइतु ,
खामे   जाथि   निपपाऽइतु !
जाऽइँ तुःइ पाशा गुइचिअ्सिति,
ब्लेअ्से पाथि गो निससिति !!

गामराम आँकलि  सेतताअ्यि,
’ब्लेअ्चा  रेचचा  ’शेऽताअ्यि !
ख्योँऽपात ख्योलशा सेतता ङा,
ब्लेअ्तेक ’ग्लुइँशा रेतताअ् ङा !!क

तोकोल  ग्लिःत  गो  ग्लुःति,
लामजकुमज ’नेअ्शा गो ग्याऽर्ति !
गुइखोइल अ्वाअ्कुम चिअ्सा ङा,
ब्लेअ्से  पाथि  गो  निससा  ङा !!

वाःरच  पुकिनु  गो  ब्लाःति,
दोऽरशा दोऽरशा खिँ जाअ्ति !
ख्योँऽपात ’नाइशशा लामजजाता,
खिँऽ  ङा  ब्लेअ्से  गो  पाता !!

शेनेन  ग्लिःता  न्हाँ  रिअ्ता,
’हामसो जामता जिक रिअ्ता !
खामे  जाशा   गो   रुःति ,
ब्लाकखे ’ब्लाशा गो ’इपति !!

———>सुर्य प्रकाश सुनुवार (चेरेहामसो)

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